What is Dopamine detox? | क्या हे डोपामिन डेटोकस?| डोपामाइन की पूरी जानकारी हिंदी में|

 


       एक पुरानी कहावत है की ज्यादा सुख इंसान को अंधा बना देता है| डोपामिन,एक ऐसा केमिकल है जो सिर्फ तभी पैदा होता है जब आप अत्यंत सुख भोग रहे होते हो या फिर में यह कहू की आप इस डोपामाइन की वजह से ही सुखकी अनुभूति करते हो| जब हम मोबाईल देखते या सोशियल मिडिया देखते या गाने सुनते वक्त या तो अपने जीवनसाथी के साथ वक्त बिताते हे तब हमें बोहोत अच्छा लगता हे हम बोहोत ही ख़ुशी महसूस करते है| ऐसा क्या होता है हमारे दिमाग में की हम बोहोत ही अच्छा फिल करते है? इसका जवाब है डोपामाइन|

      नमस्कार दोस्तों मै आपका दोस्त विवेक|डोपामाइन हमारे दिमाग में पैदा होने वाला केमिकल है जो हमें प्लेजर फिल करवाता है और ये हमारे लिए बोहोत जरुरी भी है लेकिन सिर्फ तब तक जब तक ये एक मर्यादित मात्रा में हो|क्योंकि यह एक ऐसी चीज़ है जो इंसान को जितनी मिले उतनी कम लगती है|

   


 

  हम इंसानों की नियत कुछ एसी है की हमें जिस चीज़ से खुशी मिलती हम उसे कभी छोड़ते नहीं क्योंकि हम जानते है की अगर हम इस  चीज़ से दूर जायेंगे जो हमे बोरियत महसूस करवाएगा और एसा हम कभी नहीं चाहेंगे|लेकिन यही चीज़ आपको ख़ुशी देने के साथ आपसे बोहोत कुछ छीन लेती है|

      डोपामाइन की दिमाग में अधिक मात्रा से दिमाग में बोहोत सी असंतुलित चीज़े होती है जेसे की हम अपनि एकाग्रता,शक्ति और हमारा  काम करने का समय कम हो जाता है|इसका सबसे बड़ा नुकसान यह है की हमें वो काम जो हमें ज्यादा ख़ुशी नहीं देते उन कामो को करने में आलस और बोरियत होती है|क्योंकि जब हम बोहोत ही ज्यादा डोपामाइन देने वाले काम करते है जेसे की गेमिंग,टीवी,खेलना वगेरा.. और उसके बाद जब हम कम डोपामाइन देने वाले काम करते है जेसे की पढाई, तब हमें उसमे मजा नहीं आता|अब बात यहाँ आकर रूकती है की इसका उपाय क्या है?क्योंकि आज कल पूरी दुनिया इस समस्या से गुजर रही है की उन्हें पढाई या जॉब करने में मजा नहीं आता और वो मजे देने वाली चीजों के नशेडी बन जाते है| जवाब है डोपामाइन डेटोक्स|

 


   


   डोपामाइन डेटोक्स का मतलब है की हमारे दिमाग को डोपामाइन के  higher state में से lower state में ले जाना| इसको आम शब्दों में कहू तो इसमें हमें खुदको bore करना है|इसकी वजह यह हे की एक बार हमारा दिमाग हाई डोपामाइन लेना शुरू करता है और दिमाग को इसकी आदत हो जाती है तो low डोपामाइन से दिमाग को मजा नहीं आएगा और वो low डोपामाइन देने वाले कामो को टालने की कोशिश करेगा| लेकिन अगर हम दिमाग को ज्यादा डोपामाइन देना बंद करदे और एक लम्बे वक्त तक एसा करते रहे तो हमारा दिमाग कम डोपामाइन के मिलने के बाद भी ज्यादा ख़ुशी महसूस करेगा और आपको वो बोरियत वाले काम में भी मजा आने लगेगा|

   


 


   मान लीजिए की आप रोज खाने में 6 रोटिया खाते है और इससे कम रोटिया मिलने पर आपकी भूख नहीं मिटती| लेकिन अगर आप लगातार दो हप्तो तक अपना मन मक्कम करके खाने में सिर्फ 2 रोटिया खाते है| अब शुरुआत में तो आपको बोहोत तकलीफ होगी लेकिन लगातार एसा करते रहने से आप का शरीर सिर्फ 2 रोटियों में भी संतुष्ट हो जाएगा|हमारे दिमाग का भी कुछ एसा ही है|

  



    अगर हम हमारे दिमाग को कुछ देर के लिए जेसे की दिन में 5 से 6 घंटो के लिए आप वो कोई भी काम नहीं करेंगे जिसमे आपको मजा आता है तो आपका दिमाग बोरियत महसूस करेगा और एसा लगातार 2 या 3 हप्तो तक करने से आपके दिमाग की high डोपामाइन की चाहत बोहोत हद तक कम हो जायेगी| उसके बाद अगर आप पढाई करने बैठेंगे तो भी आप को उस काम में ख़ुशी मिलेंगी| अगर आप को यह काम मुश्केल लग रहा है तो आप पुरे दिन bore होने के बाद कोई थोडा सा डोपामाइन डोज़ गाने सुनके या मोबाइल देखके ले सकते है लेकिन सिर्फ आधे घंटे के लिए| अगर आप यह रोजाना करते है तो आप पायेंगे की आपकी काम करने की क्षमता बढ़ गई है और आपका focus भी काफी बढ़ गया है|

       तो दोस्तों आज हमने जाना की डोपामाइन डेटोक्स क्या है और यह किस तरह काम करता है|अगर आप इसे ही topics पड़ना पसंद करते है तो हमारी इसी साईट पर आते रहिएगा|

       आपका टाइम देने केलिए धन्यवाद| 

    

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